मनेंद्रगढ़ जिले में एक स्कूल चपरासी के भरोसे चल रहा है। भरतपुर के बडगांवकला में 2 शिक्षकों की पदस्थापना तो हुई है मगर वे आज तक स्कूल ही नहीं पहुंचे। स्कूल चपरासी की देखरेख में सुबह खोला जाता है और शाम को बंद कर दिया जाता है।
पूरा मामला दूरस्थ वनांचल विकासखंड भरतपुर का है। जहां टीचर के नहीं आने पर बच्चे स्कूल आते हैं और मध्यान्ह भोजन कर के घर चले जाते हैं। छात्रों ने बताया कि टीचर कई दिनों से नहीं आ रहे हैं। वहीं जनपद सदस्य ने भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि, जब से शाला प्रवेश उत्सव हुआ है उसके बाद से शिक्षक नदारद हैं।

चपरासी के भरोसे स्कूल, हॉस्टल का भी बुरा हाल
गांव के सरपंच जीवनलाल ने बताया कि, शाला उत्सव मनाने के बाद सभी मास्टर मिडिल स्कूल चले गए। चपरासी के जरिए स्कूल चल रहा है। वहीं हॉस्टल की बात करें तो वहां भी कोई नहीं है, ना अधीक्षक का पता है ना ही बच्चों का ऐसे में बच्चे कैसे पढ़ेंगे।
जांच के बाद करेंगे कार्रवाई
स्कूल में शिक्षकों की गैरमौजूदगी को लेकर जब जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने भी वही रटा-रटाया जवाब दिया। उनका कहना है कि, इसकी जांच के लिए वहां के अधिकारियों को निर्देशित किया हूं। जांच के बाद इसका लिखित प्रतिवेदन भी मुझे जल्द मिल जाएगा। अगर यह बात सही हुई तो संबंधित शिक्षकों को दंडित किया जाएगा।