अविनाश कर्ष। कोरबा में एसईसीएल के भूविस्थापितों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। एसईसीएल मैनेजमेंट की वादाखिलाफी और प्रशासन की बेरुखी से नाराज एसईसीएल के भूविस्थापितों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। कलेक्ट्रेट के गेट के सामने वीआईपी रोड पर धरने पर बैठ गए। इस आंदोलन में महिलाओं की संख्या अधिक थी। जिन्होंने प्रशासन और एसईसीएल मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है मैनेजमेंट द्वारा खदान के लिए जमीन तो छिन लिया गया लेकिन उसके एवज में न तो सही मुआवजा दिया और ना ही विस्थापन कराया गया। नौकरी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। दीपिका, गेवरा और कुसमुंडा ओपन कास्ट कोयला खदान से प्रभावित स्थापित दर–दर की ठोकर खा रहे है। उनकी इस हालत पर ना तो खदान प्रबंधन को तरस आ रहा है और ना ही प्रशासन द्वारा को पहल की जा रही है। सरकारी उपेक्षा से आकर्षित इलाके के भूमि स्थापित होने अब आर पार की लड़ाई शुरू कर दी है 1 साल के भीतर यह दूसरा मौका है जब ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय घेराव किया है लोगों का आक्रोश देखकर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और एक बार फिर उन्हें आश्वासन देने का प्रयास किया गया इस दौरान ग्रामीणों ने मौके पर ही बैठे रहने की बात कही हालांकि अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें समझा कर धरना समाप्त करवा दिया है अब देखना होगा कि देश के विकास के लिए अपनी पुरखौती जमीन कंपनी के नाम करने वाले इन ग्रामीणों की तकलीफ पर कोई गौर करता है या नही।
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